पालतू कुत्ते के हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार पर विवाद,मुक्तिधाम में दाह संस्कार को लेकर थाने पहुंचा मामला

बिलासपुर ।दरअसल एक ऐसा अनोखा मामला सामने आया है जिसने इंसानी संवेदना, धार्मिक परंपरा और कानूनी व्यवस्था के बीच नई बहस छेड़ दी है। तोरवा स्थित सार्वजनिक मुक्तिधाम में एक परिवार ने अपने पालतू कुत्ते का पूरे हिंदू रीति-रिवाज और मंत्रोच्चार के साथ दाह संस्कार करने पर बवाल खड़ा हो गया है। स्थानीय निवासियों और क्षेत्रीय पार्षद ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए तोरवा थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि तोरवा मुक्तिधाम में नियुक्त कर्मचारी पैसों के लालच में चोरी-छिपे पालतू पशुओं का अंतिम संस्कार करवा रहे हैं। शुक्रवार सुबह भी एक संपन्न परिवार अपने मृत कुत्ते का इंसानों की तरह वेदी पर रखकर दाह संस्कार कर रहा था। जानकारी मिलते ही क्षेत्र के पार्षद और स्थानीय नागरिक मौके पर पहुंचे और विरोध दर्ज कराया। नागरिकों का कहना है कि मनुष्यों के लिए आरक्षित मुक्तिधाम में पशुओं का अंतिम संस्कार धार्मिक मान्यताओं के विपरीत है।
इस घटना के बाद पशु प्रेमियों का तर्क है कि भारतीय संस्कृति हर जीव में ईश्वर का अंश मानती है और परिवार के सदस्य की तरह रहे पालतू जीव को सम्मानजनक विदाई देना गलत नहीं है। वहीं दूसरी ओर विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि इंसानों के मुक्तिधाम की पवित्रता बनाए रखनी चाहिए और पशुओं के लिए नगर निगम को अलग से इलेक्ट्रिक शवदाह गृह या स्थान चिन्हित करना चाहिए। फिलहाल पुलिस और नगर निगम प्रशासन मामले की जांच में जुट गए हैं।