बस में धक्का-मुक्की के बीच महिला की डेढ़ तोला सोने की चेन पार
नेहरू चौक से बच्चों के साथ बस में चढ़ीं 4-5 संदिग्ध महिलाएं
रतनपुर में उतरने के बाद चोरी का पता चला
बिलासपुर। भीड़भरी बस में धक्का-मुक्की के बीच महिला यात्री के गले से करीब डेढ़ तोला सोने की चेन चोरी होने का मामला सामने आया है। पीड़ित महिला ने बस में सवार 4-5 संदिग्ध महिलाओं पर चोरी का शक जताया है। बताया जा रहा है कि ये महिलाएं बच्चों के साथ बस में चढ़ी थीं और रतनपुर पहुंचते ही उतर गईं। उनके उतरने के बाद महिला को चेन गायब होने का पता चला। पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दरअसल कोरबा के बांकी मोगरा निवासी भगवान राम प्रधान एसईसीएल में कार्यरत हैं। वे अपनी पत्नी गीता प्रधान के साथ निजी काम से बिलासपुर आए थे। शाम करीब 5:30 बजे दोनों नेहरू चौक से कोरबा जाने के लिए पुष्पराज बस में सवार हुए। बस में यात्रियों की भीड़ अधिक होने के कारण दोनों को काफी देर तक खड़े होकर सफर करना पड़ा।दंपती के मुताबिक, महामाया चौक के पास 4-5 महिलाएं बस में सवार हुईं। सभी महिलाओं की गोद में छोटे बच्चे थे और उनके कंधे पर गमछा रखा हुआ था। बस में पहले से भीड़ होने के कारण जगह कम थी। बस में चढ़ते ही इन महिलाओं ने भीड़ के बीच धक्का-मुक्की शुरू कर दी।इसी दौरान महिलाओं ने गीता प्रधान को चारों तरफ से घेर लिया। कुछ देर तक धक्का-मुक्की की स्थिति बनी रही। पीड़ित परिवार को आशंका है कि इसी दौरान महिलाओं ने गले से सोने की चेन निकाल ली।
रतनपुर में उतर गई संदिग्ध महिलाएं
शाम करीब 6:30 बजे बस रतनपुर के शनिचरी चौक के पास पहुंची। इसी दौरान वे सभी संदिग्ध महिलाएं बस से उतर गईं। महिलाओं के उतरने के बाद बस में कुछ जगह खाली हुई तो गीता और उनके पति सीट पर बैठ गए।कुछ देर बाद गीता ने अपने गले पर हाथ लगाया तो सोने की चेन गायब मिली। चेन पुरानी और इस्तेमाल की हुई थी तथा उसका वजन करीब डेढ़ तोला बताया गया है।
सीसीटीवी और बस की जानकारी जुटा रही पुलिस
चेन गायब मिलने के बाद पीड़ित दंपती ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। गीता प्रधान की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। संदिग्ध महिलाओं की पहचान के लिए बस की जानकारी जुटाने के साथ ही महामाया चौक, रतनपुर और शनिचरी चौक के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि महिलाओं का कोई संगठित गिरोह तो नहीं है, जो भीड़भरी बसों में यात्रियों को घेरकर इसी तरह चोरी की वारदात को अंजाम देता हो। फिलहाल संदिग्ध महिलाओं की पहचान नहीं हो सकी है।