भारत विलेज प्रोग्राम हेतु छात्र देवराज का चयन, महाविद्यालय में हर्ष का माहौल

कृषि महाविद्यालय बिलासपुर के लिए गौरव की बात
बिलासपुर। बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर के लिए यह अत्यंत गौरवपूर्ण उपलब्धि है कि बी.एससी. (कृषि) चतुर्थ वर्ष के छात्र देवराज का चयन प्रतिष्ठित भारत विलेज प्रोग्राम के अंतर्गत उत्तराखंड राज्य के चमोली जिले स्थित माना गांव के लिए किया गया है।
माना गांव भारत-तिब्बत (चीन) सीमा के निकट स्थित देश का अंतिम गांव माना जाता है तथा अपनी विशिष्ट भौगोलिक, सांस्कृतिक एवं सामरिक महत्ता के लिए प्रसिद्ध है। यह गांव जोशीमठ विकासखंड के अंतर्गत आता है और हिमालयी क्षेत्र की पारंपरिक कृषि, ग्रामीण जीवन तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।

भारत विलेज प्रोग्राम का उद्देश्य देश के युवाओं को विभिन्न राज्यों के ग्रामीण क्षेत्रों से जोड़ना, स्थानीय संस्कृति, कृषि प्रणालियों, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, आजीविका के साधनों तथा ग्रामीण विकास की चुनौतियों एवं संभावनाओं से परिचित कराना है। इस कार्यक्रम के माध्यम से चयनित छात्र ग्रामीण समुदायों के साथ कार्य करते हुए व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करते हैं तथा राष्ट्र निर्माण की भावना को सुदृढ़ करते हैं।
देवराज का चयन उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक सहभागिता एवं ग्रामीण विकास के प्रति रुचि को दर्शाता है। माना गांव में प्रवास के दौरान वे स्थानीय कृषि प्रणालियों, पर्वतीय खेती, जल संरक्षण, जैविक कृषि तथा ग्रामीण जीवनशैली का अध्ययन करेंगे और अपने अनुभवों को अन्य विद्यार्थियों के साथ साझा करेंगे।

महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ.एन.के.चौरे, मेंटर एवं कार्यक्रम अधिकारी राष्ट्रीय सेवा योजना अजीत विलियम्स एवं प्राध्यापकों ने इस उपलब्धि पर देवराज को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उन्होंने कहा कि यह चयन न केवल छात्र की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि महाविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति प्रतिबद्धता का भी प्रमाण है।