मोहर्रम के पहले दिन तकरीर, मजलिस एवं मातमी विसर्जन दिवस को शराब बंदी की मांग
बिलासपुर । मोहर्रम के पहले दिन मुस्लिमों द्वारा शोहदाये कर्बला की याद में अनेक आयोजन किये गये, ईरानी समुदाय द्वारा एवं शिया समुदाय द्वारा अपने इमामबाड़ों मे मजलिस वह मरशिया पढ़ते हुए हैरतअंगेज मातम किया, दाऊदी बोहरा समाज द्वारा अपने जमातखाने में शोहदाये कर्बला की शहादत को याद किया गया, साथ ही मुस्लिमो द्वारा तकरीर, मेमन जमातखाना मे महिलाओं की मजलिसे कर कर्बला की शहादत का बयान किया गया,।
मोहर्रम के पहले दिन शहर के चारों ओर अकीदतमंदों द्वारा शोहदाये कर्बला की याद में सवारियों के इमामबाड़ों की सजावट शुरू कर दी गई है, वहीं ताजिये बनाने का काम प्रारंभ हो चुका है, शहर में तीस सवारियां, और छै ताजिये स्थापित होते हैं, प्रमुख सवारियों में नाले हैदर तालापारा, सन्दल बाबा बल्ला जरहाभाठा, बब्लू जिया लाल तारबाहर, सिद्ध बाबा टिकरापारा, सुल्तान तारबाहर, अल्बर्ट मसीह
एफ एम हुसैन, पितामबर चिन्गराजपारा, जुनैद भाई कुदुदड नाल साहब राजेन्द्र नगर सहित अन्य इमामबाड़ों में सवारियों की तैयारी प्रारंभ है जिनके पीटारे मोहर्रम के चौथे एवं पांचवें दिन उठाए जाएंगे । वहीं मन्नती शेरों और डल्ला शेरो ने भी अपनी तैयारी शुरू कर दिए हैं। मोहर्रम की व्यवस्था हेतु अकीदतमंद हबीब मेमन एवं सिकंदर खान द्वारा नगर निगम से विशेष फोकस लाइट लगाने साफ सफाई तथा जल आपूर्ति के संबंध में मांग पत्र देकर व्यवस्था की पेशकश की गई है,। मेमन जमात खाने में मुस्लिम महिलाओं की मजलिस और इबादतों का दौर जारी है, मोहर्रम के विसर्जन दिवस 26 जून दिन शुक्रवार को विशेष शराब बंदी की मांग जिला प्रशासन से अकीदत मन्दो द्वारा की गई है।
उसकी देन कमेटी द्वारा सात दिवसीय तकरीर का दौर जारी है, जिसमें कर्बला की अजीम शहादत को आज पहले दिन मौलाना साहब ने बड़ी ही अकीदत से पेश किया ।