Blog

सीईओ बोले,तुम्हारा नाम क्या है,फिर बोले सरनेम बताओ,इसके बाद कमरे से निकाल दिया बाहर…पंचायत सचिव ने बैठक से निकालने का लगा गंभीर आरोप

जिला पंचायत सीईओ के खिलाफ एफआईआर की मांग

बीएसपी ने अंबेडकर चौक पर दिया धरना,

कलेक्ट्रेट का घेराव, कर दिया 7 दिन का अल्टीमेटम

बिलासपुर। जिला पंचायत बिलासपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के खिलाफ अनुसूचित जनजाति वर्ग के पंचायत सचिव तुलसी कुमार ध्रुव को कथित रूप से प्रताड़ित करने का मामला गरमा गया है। बहुजन समाज पार्टी की जिला इकाई ने सोमवार को अंबेडकर चौक पर धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर राज्यपाल के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।

दरअसल ज्ञापन में सीईओ संदीप अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, उन्हें तत्काल निलंबित करने और सेवा से बर्खास्त करने की मांग की गई है।

बीएसपी जिलाध्यक्ष हेमचंद मिरी ने आरोप लगाया कि तुलसी ध्रुव, जो अनुसूचित जनजाति की गोंड जाति से आते हैं।जिनको जिला पंचायत सीईओ ने लगातार जातिगत दुर्भावना के चलते प्रताड़ित किया जा रहा है। पार्टी ने प्रशासन को सात दिन का समय दिया है। मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है। ज्ञापन में आंदोलन से उत्पन्न स्थिति की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होने की बात कही गई है।

बैठक में सरनेम पूछने के बाद बाहर निकलवाने का आरोप

निलंबित पंचायत सचिव ने बताया कि 24 अप्रैल 2026 को सकरी स्थित वन चेतना केंद्र में बैठक आयोजित हुई थी। आरोप है कि बैठक में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के सामने तुलसी ध्रुव से पहले उसका नाम पूछा गया और उसके बाद उनका सरनेम पूछा गया। इसके बाद कार्रवाई की धमकी देते हुए सीईओ ने अपने निजी सुरक्षा कर्मी के माध्यम से तुलसी ध्रुव को कथित तौर पर बलपूर्वक बैठक हॉल से बाहर निकलवा दिया।घटना के बाद तुलसी ध्रुव ने उसी दिन 24 अप्रैल को सकरी थाना में आवेदन देने का प्रयास किया।लेकिन उनकी किसी तरह की कोई सुनवाई नहीं हुई।

बिना शिकायत 8 सदस्यीय जांच दल बनाने का आरोप

निलंबित पंचायत सचिव ने बताया कि ग्राम पंचायत नगोर्ड में जांच को लेकर लगाया गया है। उनका कहना है कि तुलसी ध्रुव के पदस्थ ग्राम पंचायत नगोर्ड में किसी शिकायत के बिना ही जिला पंचायत कार्यालय के आदेश के माध्यम से आठ सदस्यीय जांच दल गठित कर दिया गया।

समाज ने कलेक्टर को दिया ज्ञापन,आयोग और मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा मामला

मामले को लेकर एससी-एसटी समाज संयुक्त मोर्चा तखतपुर ने 27 अप्रैल 2026 को कलेक्टर बिलासपुर को ज्ञापन सौंपा था। इसमें सीईओ संदीप अग्रवाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ बर्खास्तगी और सेवा समाप्ति की मांग की गई थी। कथित प्रताड़ना से परेशान होकर तुलसी ध्रुव ने 4 मई 2026 को प्रमुख सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत की। इसके बाद 13 मई 2026 को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग, नई दिल्ली को भी शिकायत भेजी गई।

शिकायत की जानकारी के बाद जांच रोकी, फिर 9 जून को दोबारा जांच का आरोप

बीएसपी ने ज्ञापन में आरोप लगाया है कि शिकायतों की जानकारी जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल को मिलने के बाद ग्राम पंचायत नगोई की जांच को मौखिक निर्देश देकर रोक दिया गया था। आरोप है कि मामला शांत होने के बाद जांच दल को फिर निर्देशित किया गया और 9 जून 2026 को दोबारा जांच कराई गई। जांच दल ने ग्राम पंचायत नगोई में कराए गए निर्माण कार्यों का निरीक्षण भी किया। ज्ञापन में दावा किया गया है कि जांच के दौरान सभी निर्माण कार्य पूर्ण पाए गए और इसका उल्लेख जांच प्रतिवेदन में किया गया है।13 जुलाई को कारण बताओ नोटिस, 27 जुलाई को जवाब; 3 अगस्त को निलंबन
मामले में जिला पंचायत की ओर से 13 जुलाई 2026 को तुलसी ध्रुव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। बीएसपी के अनुसार, तुलसी ध्रुव ने निर्धारित समयावधि के भीतर 27 जुलाई 2026 को साक्ष्य और दस्तावेजों के साथ अपना जवाब प्रस्तुत किया।
इसके बावजूद, ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि 3 अगस्त 2026 को तुलसी ध्रुव, सचिव ग्राम पंचायत नगोई को निलंबित कर दिया गया। बीएसपी ने इसे कथित जातिगत प्रताड़ना की कार्रवाई से जोड़ते हुए सीईओ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

एससी-एसटी एक्ट के तहत एफआईआर की मांग

ज्ञापन में छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय महानदी भवन, नया रायपुर के पत्र का हवाला देते हुए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 के प्रावधानों का उल्लेख किया गया है।
बीएसपी ने कहा है कि सार्वजनिक दृष्टिगोचर स्थान पर अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के किसी सदस्य का अपमान करने के आशय से उसे अपमानित या आतंकित करना दंडनीय अपराध है। इसी आधार पर पार्टी ने तुलसी ध्रुव के साथ हुई कथित जातिगत प्रताड़ना को लेकर तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन, सात दिन में कार्रवाई नहीं तो आंदोलन

बीएसपी जिला इकाई बिलासपुर की ओर से जिलाध्यक्ष हेमचंद मिरी के हस्ताक्षर से ज्ञापन सौंपा गया। इसमें राज्यपाल के नाम जिला कलेक्टर के माध्यम से शिकायत प्रस्तुत करते हुए सीईओ संदीप अग्रवाल के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने, उन्हें निलंबित करने और सेवा से बर्खास्त करने की मांग की गई है।
पार्टी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सात दिन के भीतर मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो बहुजन समाज पार्टी जिला इकाई बिलासपुर उग्र आंदोलन करेगी। ज्ञापन में आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली स्थिति के लिए शासन-प्रशासन को जिम्मेदार ठहराने की बात कही गई है।

सीईओ का नहीं लगा फोन

इस मामले में सीईओ संदीप अग्रवाल को फोन करके संपर्क करने की कोशिश की गई।लेकिन उनका फोन नहीं लगा,फिर उनको टैक्स मेसेज करके जवाब मांगा गया।तब किसी तरह का कोई जवाब नहीं आया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *