सेफ्टी ऑफ़ सेल में चौकीदार की हत्या,चार नाबालिगों पर शक,हत्या और लुट और मारपीट के आरोपी है फरार नाबालिग,बाथरूम जाने के लिए कमरा खुलवाया उसके बाद चौकीदार से चाबी की मांग की
चौकीदार से चाबी नहीं मिलने से नाराज नाबालिगों ने चौकीदार को पकड़ा हाथ पैर और मुंह में कपड़ा ठूंसा फिर गला दबाकर की हत्या
बिलासपुर । जिला बाल संप्रेक्षण गृह उर्फ सेफ्टी ऑफ सेल नूतन चौक में बीती रात चार
नाबालिगो ने चौकीदार का हाथ पैर बांधा और मुंह पर कपड़ा ठूंसा फिर गला दबाकर हत्या कर दी। और चारों किशोर अपराधी घटना को अंजाम देने के बाद फरार हो गए हैं। हत्या की वारदात से सनसनी फैल गई है। घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर संजय अग्रवाल तथा एसपी रजनेश सिंह मौके पर पहुंचे हैं। बताया जाता है कि हत्या और छेड़खानी के मामले में संप्रेक्षण गृह में बंद किशोर ने अरईबंद निवासी चौकीदार नरेंद्र खांडेकर उम्र 40 साल की हत्या की घटना को अंजाम दिया है। घटना की जानकारी मिलते ही मृतक चौकीदार के परिजन रोटी भी लगता यहां पहुंच गए हैं, पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन के अधिकारी तहसीलदार तथा एसपीमौके पर पहुंच गए हैं। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आरोपियों की तलाश में चार टीम बनाई गई है । सरकंडा क्षेत्र के सभी रास्तों में सीसीटीवी फुटेज खंगाल जा रहे हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल का कहना है की उन्होंने बाल संप्रेषण गृह का निरीक्षण किया है। यहां पर चौकीदार नरेंद्र खांडेकर की हत्या कर कर किशोर फरार हो गए हैं, पुलिस मामले की जांच कर रही है। इधर घटना के बाद परिवार बाल संप्रेक्षण गृह पहुंचे और शव लेने से इंकार कर दिया था।
दरअसल घटना देर रात करीब 12 से 2 बजे रात की बताई जा रही है। नूतन चौक स्थित बाल संप्रेक्षण गृह में प्रथम मंजिल में चारों नाबालिगों ने पहले चौकीदार नरेंद्र खांडेकर से
शौचालय जाने की बात कही और कमरा खोलने के बाद उन्होंने चौकीदार से चाबी मांगी और नहीं देने पर चारों किशोर ने चौकीदार के साथ मारपीट करते हुए उसके हाथ पैर बांध दिए और गला दबा दिया। चौकीदार से चाबी छीन कर दरवाजा खोला और यहां से एक बाइक में सवार होकर आरोपी फरार हो गए। पुलिस सुबह खबर पाकर पहुंची और मामले की जांच शुरू की ।प्रथम दृष्टया की जांच में बताया गया है कि प्रथम मंजिल में हत्या की वारदात के बाद आरोपी सीढ़ी के रास्ते से नीचे आए और गेट खोला और बाइक से फरार हो गए हैं।चारो।नाबालिग एक साथी की बाइक से कैसे फरार हुए। पुलिस इन सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। वही घटना की खबर पाकर तहसीलदार और सीएसपी भी मौके पर पहुंच गए थे।
हत्या करने के बाद नाबालिगों ने मुख्य गेट को ताला लगाकर किया बंद
सूत्रों ने बताया की
जब चारों नाबालिगों ने सेफ्टी ऑफ सेल से फरार हुए तो सबसे पहले चौकीदार से गेट का चाबी लिय और उसके बाद बाहर निकलकर गेट को ताला लगाकर बंद किया।फिर सीढ़ियों से नीचे आकर जिसे कमरे में बाइक की चाबी रही रहती है वहां से चाबी लिए और सीसीटीवी फुटेज के डीवीआर को अपने साथ ले गए।इस बीच ऊपर बने दो कमरे के 50 से अधिक नाबालिग गहरी नींद में सो रहे थे।
एक की पूरी होने वाली थी 21 वर्ष की आयु
सूत्रों ने बताया कि फरार चारों नाबालिगों के एक को आजीवन कारावास की सजा मिली हुई है।जिसकी 21 वर्ष की आयु पूरी होने वाली थी।सम्भवतः उसने प्लान बनाया होगा और अपने साथ बाकी तीन साथियों को शामिल करके योजना तैयार किया होगा।चूंकि आजीवन कारावास की सजा मिली थी इसलिए उसकी सेफ्टी ऑफ सेल में चलती भी थी।जिसके कारण लोग उससे डरते थे।
सुबह से लेकर दोपहर तक हुआ हंगामा
बाल संप्रेक्षण गृह के सामने मृतक के परिजनों ने सुबह से लेकर दोपहर 3 बजे तक हंगामा किया, पंचनामा में
हस्ताक्षर करने से इनकार करते हुए आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने तथा मुआवजा राशि की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया और बाल संप्रेक्षण गृह के प्रबंधन पर हत्या करने का आरोप लगाया है।
मृतक अरईबंद तखतपुर का रहने वाला गांव में आक्रोश
घटना सरकंडा थाना क्षेत्र की है। मृतक की पहचान तखतपुर क्षेत्र के अरईबंद निवासी नरेंद्र कुमार खांडे 40 के रूप में हुई है। वह पिछले करीब एक साल से बाल सुधार गृह में चौकीदार के पद पर कार्यरत थे। मृतक के परिजनों ने बाल सुधार गृह का घेराव कर दिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने से भी रोक दिया है। परिजनों ने अधिकारियों को 12 सूत्रीय मांग पत्र सौंपते हुए मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी, भरण-पोषण की व्यवस्था, उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। परिजनों ने बाल सुधार गृह के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। फरार लड़कों में एक की उम्र 20 साल हो चुकी थी और उसे जल्द ही सेंट्रल जेल भेजा जाना था।
महिला बाल विकास विभाग ने ट्रांसफर किया था
मृतक नरेंद्र खांडेकर के परिजनों का कहना है कि 4 अगस्त से लगातार ड्यूटी कर रहे 4 अगस्त को उन्हें संभावित कार्यालय में ट्रांसफर किया गया था फिर भी उनका ट्रांसफर रोक के लोग रखे। यहां के प्रबंधन ने रिलीव नहीं किया। पूरा सेफ्टी है कैमरे से फुटेज मांगते हुए मृतक के परिजनसंजय कुमार जांगड़े बताया कि इसकी जानकारी हमने कलेक्टर को भी दी है। संभागायुक्त पास भी हम लोग लिखित में दे दिए हैं। परिजन का कहना है कि जानबूझकर उनकी हत्या कराई गई है कथा आरोपियों को भगाने में यहां के प्रबंधन में मदद की। आरोपी को भगाने के लिए सीढ़ियां लगी हुई है। यहां से ट्रांसफर का आदेश भी हो गया था लेकिन यहां से रिलीज नहीं किया गया।
फरार चार नाबालिगों में दो हत्या के आरोपी
बताया जाता है कि हत्या की वारदात देने वाले 18 वर्ष के कम उम्र के चारों आरोपियों में से दो आरोपी हत्या और छेड़खानी के मामले में बाल सम्प्रेक्षण गृह उर्फ सुधार गृह में बंद है।। हत्या की वारदात से बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं यह पूरा संप्रेक्षण घर सिर्फ एक चौकीदारों के भरोसे संचालित हो रहा है। देर रात को चौकीदार ही यहां रहते हैं। और बाल संरक्षण गृह के किशोरो की सुरक्षा व्यवस्था भी एक चौकीदार के भरोसे है। रात को चारों आरोपी ने बाथरूम जाने के लिए दरवाजा खुलवाया और फिर चौकीदार से गाली गलौज करते हुए चाबी मांग की और चाबी नहीं देने पर आरोपियों ने चौकीदार के दोनों हाथ पैर बांध दिए और गमछे से घरों को दबा दिया विरोध करने पर ` पिटाई भी की और आरोपी वहां से नीचे उतरे एक बाइक खड़ी थी और बाइक में सवार होकर आरोपी भाग निकले हैं। नूतन चौक स्थित बाल सुधार घर में 40 से अधिक किशोर बंद है। महिला अधिकार के भरोसे किशोर की सुरक्षा निहित था। परिजनों में काफी गुस्सा देखा गया और चौकीदार की हत्या के मामले में सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने इस घटना की जानकारी पिता की पी व परिजनों को सुबह 7 बजे की और सभी 8 बजे के बाद यहां पहुंचे पुलिस वाले हम मौजूद हैं।
परिजन बोले,चौकीदार की हत्या सुनियोजित तरीके
से की गई
रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात चौकीदार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक के परिजनों का आरोप है कि नरेंद्र कुमार खाण्डे के हाथ-पैर गमछे से बांध दिए गए थे। उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई, गला दबाया गया और मुंह में कपड़ा ठूंस दिया गया, जिससे उनकी मौत हो गई। परिजनों ने इसे सुनियोजित हत्या बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
चारों नाबालिग हत्या लुट और मारपीट जैसे गंभीर अपराध में शामिल
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना को चार नाबालिग बंदियों द्वारा अंजाम दिए जाने की बात सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि इनमें तीन नाबालिग रायगढ़ जिले और एक कोरबा जिले का रहने वाला है। सभी गंभीर अपराधों के मामलों में बिलासपुर बाल संप्रेक्षण गृह मतलब सेफ्टी ऑफ सेल में निरुद्ध थे। आरोप है कि वारदात को अंजाम देने के बाद चारों बंदी बाल संप्रेक्षण गृह से फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश में व्यापक सर्च अभियान चला रही है।
कलेक्टर और एसएसपी पहुंचे मौके पर
वो
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह सहित जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे।जिन्होने पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए है।और हर पहलुओं की जाँच करने निर्देशित किया है।फॉरेंसिक और डॉग स्क्वायड की टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं।
मृतक के परिजन बोले,तबादला होने के ब भी फाइल को रखा गया दबाकर
मृतक के परिजनों ने विभागीय अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि नरेंद्र कुमार खाण्डे लंबे समय से अपने तबादले के लिए आवेदन किए थे।जिनका तबादला कमिश्नर कार्यालय हो चुका था लेकिन उनकी तबादला रोक कर उनको बेवजह परेशान किया गया। परिजनों का आरोप है कि यदि कोई समय रहते उनका तबादला कर दिया जाता तो शायद यह घटना टल सकती थी।
इसके लिए परिजनों के दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।
फरार नाबालिग बंदियों की तलाश सरगर्मी से जारी
फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। फरार नाबालिग बंदियों की
तलाश जारी है।पुलिस ने नाबालिगों को पकड़ने के लिए रायगढ़,कोरबा और जिले के आसपास के सभी पुलिस थाना और चेकिंग पॉइंट पर पुलिस बल तैनात कर दिया है।इसके अलावा बस,ऑटो,और अन्य गाड़ियों की भी जांच जारी है।
सीसीटीवी और अन्य साक्ष्यों की जांच
पुलिस, फरार बाल अपचारियों की तलाश में अलग-अलग टीमों को सक्रिय कर चुकी है। साथ ही सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है। फिलहाल हत्या के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।घटना के बाद बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिस संस्थान में कानून से संघर्षरत किशोरों की निगरानी और सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है, वहीं चौकीदार की हत्या और चार बाल अपचारियों के फरार होने की घटना ने सुरक्षा इंतजामों पर सवालिया निशान लगा दिया है।
सीसीटीवी फुटेज खंगाले
सरकंडा थाना प्रभारी प्रदीप आर्य का इस मामले में जानकारी देते हुए बताया कि अभी प्रथम दृष्टि है जो बातें सामने आई है मृत्यु हो गई है और जो यहां सेफ्टी ऑफ प्लेस है इसमें जो चार नाबालिग जो रहते थे यहां से उनके संबंध में जानकारी एकत्र किया जा रहा है आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं। इस संबंध में जो स्पेशल टीम फिंगरप्रिंट की टीम डॉग स्क्वाड को बुलाया गया है उनके द्वारा जांच की जा रही न है जल्दी कुछ तथ्य सामने निकल कर आ जाएंगे और जो यहां पर जो सेफ्टी ऑफ सेल में जो लड़के रहते थे उनमें से चार नाबालिग यहां पर नहीं है एक मोटरसाइकिल साथ में नहीं मिल रही है। जो चार नाबालिग आरोपी फरार है उनमें से तीन रायगढ़ तथा एक कोरबा के रहने वाले हैं पुलिस अधीक्षक निर्देश पर जांच टीम बना दी गई है।जो सीढ़ियों से भागकर जाते दिख रहे है।
वर्जन
मामला गंभीर है जिसकी जांच जारी है।
इसके लिए बाल संप्रेक्षण गृह के सीसीटीवी फुटेज और अधिकारियों से चर्चा की का रही है।
संजय अग्रवाल
कलेक्टर बिलासपुर
वर्जन
फरार चार नाबालिगों की तलाश की जा रही है।इसके लिए टीम लगाई गई है ,हत्या कैसे हुई क्यों हुई इसकी जांच जारी है।
पुलिस हर पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है।
रजनेश सिंह
एसएसपी बिलासपुर