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23 साल का इंतजार खत्म: बहुला चौथ पर बिलासपुर गौसेवा धाम का शुभारंभ, घायल गौवंश को मिलेगा आधुनिक अस्पताल का इलाज

बिलासपुर। शहर में पिछले 23 वर्षों से घायल, बीमार और बेसहारा गौवंश की सेवा में जुटे बिलासपुर गौसेवा धाम को अब अपना स्थायी आसरा मिल गया है। बहुला चौथ के अवसर पर पचरीघाट स्थित हैप्पी स्ट्रीट के पास दो एकड़ निजी भूमि पर तैयार गौसेवा धाम का विधिवत शुभारंभ किया गया। पूजा-अर्चना और गौपूजन के बाद गौमाता ने नए सेवा परिसर में प्रवेश किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय संत गोपाल मणि महाराज और सीता शरण महाराज मौजूद रहे।

शुभारंभ के साथ ही सात दिवसीय ‘धेनु मानस’ गौकथा का भी आयोजन शुरू हुआ। गौसेवा धाम से जुड़े 20 से अधिक सेवक पिछले 23 वर्षों से सड़क हादसों में घायल और बेसहारा गौवंश का रेस्क्यू कर उनकी सेवा कर रहे हैं। धाम के लिए समाजसेवी रामअवतार अग्रवाल ने अपनी दो एकड़ निजी जमीन गौसेवा के लिए दान की है। इसी भूमि पर अब स्थायी सेवा परिसर विकसित किया गया है। अस्पताल का निर्माण भी जनसहयोग से किया गया है।

एक एकड़ में आधुनिक गौ अस्पताल

दो एकड़ परिसर में करीब एक एकड़ क्षेत्र में आधुनिक गौ अस्पताल तैयार किया गया है। यहां घायल और गंभीर रूप से बीमार गौवंश के उपचार के लिए आईसीयू, आधुनिक ऑपरेशन थिएटर, कैंसर वार्ड, विकलांग गौमाता वार्ड और दृष्टिहीन गौमाता वार्ड बनाए गए हैं। दुर्घटनाओं में अपनी मां को खो चुके बछिया-बछड़ों के लिए अलग अनाथ-असहाय गौवंश वार्ड भी बनाया गया है।

अस्पताल में तीन निजी डॉक्टरों और 10 कर्मचारियों की टीम 24 घंटे गौवंश की देखरेख और उपचार करेगी। इससे सड़क हादसों में घायल होने वाले गौवंश को अब सामान्य अस्पताल की तरह बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

150 से अधिक घायल गौवंश की सेवा

गौसेवा धाम के अध्यक्ष विपुल शर्मा के अनुसार वर्तमान में परिसर में 150 से अधिक दुर्घटनाग्रस्त गौवंश का उपचार और सेवा की जा रही है। इनमें करीब 20 विकलांग गायें, दो से तीन दृष्टिहीन गौमाताएं तथा दुर्घटनाओं में अपनी माताओं को खो चुके बछिया-बछड़े भी शामिल हैं।

‘गौमाता को अनुदान नहीं, सम्मान चाहिए’

गौकथा के दौरान राष्ट्रीय संत गोपाल मणि महाराज ने कहा कि गौमाता को अनुदान नहीं, सम्मान चाहिए। उन्होंने गाय को राष्ट्रमाता का सम्मान दिए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि वेद, पुराण और शास्त्रों में गाय को माता का दर्जा दिया गया है और गौसेवा सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने श्रद्धालुओं से गौसेवा और गौवंश संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया।

शुभारंभ कार्यक्रम में गोपाल कृष्ण रामानुज दास, ओमेश बिसेन, शत्रुघ्न कृष्ण, रतनलाल शर्मा, विष्णु पुरोहित, प्रकाश पुरोहित, शुभम शुक्ला, शिवांश पांडे, आचार्य सचिन महाराज और संकल्प शुक्ला सहित बड़ी संख्या में गौसेवक और श्रद्धालु मौजूद रहे।

प्रशासन द्वारा धारा 144 लागू होने के कारण प्रस्तावित शोभायात्रा की अनुमति नहीं दी गई, लेकिन पूजा-अर्चना और गौपूजन के साथ गौसेवा धाम का शुभारंभ विधिवत किया गया।

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