माओवादी संगठन का बड़ा ऐलान: हथियारबंद संघर्ष पर अस्थायी विराम, सरकार से शांति वार्ता के लिए तैयार
भाकपा (माओवादी) ने पहली बार हथियारबंद संघर्ष को अस्थायी रूप से त्यागने और मुख्यधारा की राजनीति में शामिल होकर जनता के मुद्दों पर संघर्ष करने की घोषणा की है।
पार्टी के केंद्रीय कमेटी प्रवक्ता अभय ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि संगठन अब सरकार से शांति वार्ता के लिए तैयार है। माओवादी नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से लेकर प्रभावित राज्यों की सरकारें सकारात्मक रवैया अपनाएं और सीजफायर का औपचारिक ऐलान करें. माओवादियों ने साफ किया कि वे एक महीने की अवधि में अपने कैडरों और जेल में बंद साथियों से राय मशविरा कर शांति वार्ता की प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे। संगठन ने सरकार से अपील की है कि खोजी अभियानों को रोककर वार्ता का रास्ता खोला जाए, ताकि हिंसा प्रभावित इलाकों में शांति कायम की जा सके। माओवादियों का यह बदला हुआ रुख देशभर की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।