अलार्म चेन का दुरुपयोग के 667 मामले दर्ज,
रेल प्रशासन की सख्ती
बिलासपुर। यात्रियों की सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता के उद्देश्य से भारतीय रेलवे द्वारा प्रत्येक यात्री कोच में इमरजेंसी अलार्म चेन की सुविधा प्रदान करती है। यह सुविधा केवल गंभीर एवं वास्तविक आपात स्थिति में ट्रेन को रोककर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए है। परंतु कुछ यात्री इस सुविधा का दुरुपयोग करते हैं, जिससे न केवल ट्रेनों की समयबद्ध संचालन प्रभावित होती है। मंडल रेल प्रबंधक राकेश रंजन के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त श्री सौरभ कुमार। के नेतृत्व में मंडल की सुरक्षा और संचालन में व्यवधान को रोकने के लिए रेलवे सुरक्षा बल ने ट्रेनों में अलार्म चेन पुलिंग की घटनाओं को रोकने के लिए कई कठोर कदम उठाए हैं। अप्रैल से जुलाई तक के आँकड़ों के अनुसार मंडल द्वारा रेलवे अधिनियम की धारा 141 के तहत अलार्म चेन के दुरुपयोग के कुल 667 मामले दर्ज कर न्यायालय के माध्यम से 03 लाख 20 हजार रूपये का जुर्माना वसूल किया गया है। उल्लेखनीय है कि रेल अधिनियम की धारा 141 के अनुसार, बिना उचित कारण अलार्म चेन खींचने पर एक वर्ष तक का कारावास, 1,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।