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ग्राम निरतु में विद्यार्थियों ने किया सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन

बिलासपुर। बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं रिसर्च स्टेशन, बिलासपुर के बी.एससी. (कृषि) अंतिम वर्ष आईसीएआर बैच-II के विद्यार्थियों ने ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव कार्यक्रम के अंतर्गत ग्राम निरतु में सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन गतिविधियों का सफल आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों की सहभागिता से गांव के संसाधनों, कृषि व्यवस्था, प्रमुख समस्याओं एवं सामाजिक संरचना का अध्ययन कर विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना था।

कार्यक्रम में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी शिखा तिवारी, ग्राम पंचायत सरपंच सतरूपा मरावी, कृषक मित्र दीपक कुमार सोनी सहित प्रगतिशील कृषक लक्ष्मी प्रसाद पटेल, शशि कुमार पटेल, हजारी लाल पटेल, रामभजन पटेल एवं पूरन पटेल उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने विद्यार्थियों के साथ सक्रिय सहभागिता करते हुए रंगोली के माध्यम से विभिन्न गतिविधियों में सहयोग दिया और गांव से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।

विद्यार्थियों को पांच समूहों में विभाजित कर विभिन्न सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन टूल्स प्रस्तुत किए गए। छात्र देवराज एवं विकास बुगालिया ने समस्या वृक्ष के माध्यम से गांव की प्रमुख समस्याओं, उनके कारण एवं प्रभावों को दर्शाया। आदित्य राज, अनुब्रत घोष, सचिन कुमार सिंह एवं माधव कुमार ने समयरेखा मानचित्र के जरिए ग्राम के विकास एवं भूमि उपयोग में हुए बदलाव प्रस्तुत किए। आर्यन राज तिर्की, आशीष कुमार, रोहित कुमार एवं मनेश कुमार ने संसाधन मानचित्र के माध्यम से गांव के कृषि, प्राकृतिक एवं सामाजिक संसाधनों का प्रदर्शन किया।

इसी क्रम में अमन शर्मा, हरिओम मीणा, जितेंद्र परेटा एवं सौभाग्य नागर ने चपाती डायग्राम के माध्यम से विभिन्न शासकीय एवं सामाजिक संस्थानों से ग्रामीणों के संबंध और सेवाओं तक पहुंच को दर्शाया। रेनू स्वामी, चीकुज़िया क्रिचेना, महामाया बिजया लक्ष्मी जेना एवं रश्मिता पांगी ने मौसमी आरेख के माध्यम से वर्षभर की फसल एवं कृषि गतिविधियों का प्रस्तुतिकरण किया।

ग्रामीणों से संवाद बना कार्यक्रम की विशेषता

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और ग्रामीणों के बीच कृषि, प्राकृतिक संसाधन, ग्रामीण विकास तथा स्थानीय समस्याओं पर सार्थक संवाद हुआ। विद्यार्थियों द्वारा रंगोली के माध्यम से तैयार किए गए सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन मॉडल आकर्षण का केंद्र रहे। ग्रामीणों ने न केवल प्रस्तुतियों की सराहना की, बल्कि अपने अनुभव और स्थानीय ज्ञान भी विद्यार्थियों के साथ साझा किए।

कार्यक्रम की सफलता पर महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. एन. के. चौरे ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि रावे एवं सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों को ग्रामीण जीवन, कृषि प्रणालियों और किसानों की वास्तविक समस्याओं को करीब से समझने का महत्वपूर्ण व्यावहारिक अवसर प्रदान करती हैं। रावे समन्वयक डॉ. हेमप्रकाश वर्मा के नेतृत्व में कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अंत में ग्रामीणों, कृषकों, जनप्रतिनिधियों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

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