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जिला को मिला विवेचना के लिए फोरेंसिक वैन,डमी के माध्यम सीन ऑफ़ क्राइम बनाकर पुलिस और एफएसएल टीम जाँच प्रकिया की जानकारी दी गई

आरोपी की पहचान के लिए वैज्ञानिक तरीके और संसाधन का उपयोग

जनप्रतिनिधि और पुलिस व प्रशासन के अधिकारी के द्वारा हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया

बिलासपुर। 7 साल से ऊपर मिलने वाली सजा के फॉरेंसिक वैन का उपयोग किया जायेगा।इसके माध्यम से मौके पर जाकर
ह प्रकार की जांच क्राइम सीन क्रिएट करके पूरी तरह से जांच करके रिपोर्ट जल्द दिया जाएगा।
इससे पुलिस का न सिर्फ समय बचेगा
बल्कि आरोपियों को गिरेबान तक भी पुलिस जल्दी पहुंच सकेगी।

एसएसपी रजनेश सिंह के नेतृत्व में फारेन्सिक वेन फॉरेन्सिक टीम सीन ऑफ़ क्राइम यूनिट और क्षेत्रीय विज्ञान प्रयोगशाला बिलासपुर को सौपा गया । जिसका उपयोग अपराध की सटीक विवेचना में किया जायेगा। नवीन कानून लागू होने के बाद हर 7 वर्ष के सजा वाले हर अपराध में एफएसएल टीम की जाँच जरूरी होगी ताकि अपराध के महत्वपूर्ण साक्ष्य संकलित कर न्यायालय में प्रस्तुत कर आरोप सिद्ध किया जा सके और आरोपी को सजा दी जा सके।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने बताया कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा आरोपियों को कठोर सजा मिले और पीड़ित पक्ष को न्याय मिले जिस उद्देश्य से पुलिस प्रशासन और पुलिस की कार्य प्रणाली और क्षमता में वृद्धि हो सके जिसके लिए आधुनिक उपकरण संशाधन उपलब्ध कराया जा रहा। विधायक अमर अग्रवाल ने कहा जब भी विधायक दल और सरकार की बैठक होती उसमे चर्चा होती थी कि पुलिस प्रशासन को मजबूत किया जाना ताकि जनता को न्याय और अपराधी को कठोर सजा मिले। विधायक धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, अटल श्रीवास्तव महापौर पूजा विधानी महापौर, बिलासपुर सम्भागयुक्त सुनील जैन, आईजी रामगोपाल गर्ग,कलेक्टर संजय अग्रवाल, डॉ शिखा तिवारी संयुक्त संचालक क्षेत्रीय न्यायलिक विज्ञान प्रयोगशाला ने अपने अपने संदेश में पुलिस की कार्यप्रणाली और क्षमता में वृद्धि कर आधुनिक तकनीक और आधुनिक उपकरणों संशाधन के माध्यम से अपराध की गंभीरता और संवेदनशीलता को दृष्टिगत रखते हुए त्वरित कार्यवाही करने और अपराध के महत्वपूर्ण साक्ष्य भौतिक और इलेक्ट्रॉनिक दोनों माध्यमों से संकलन कर न्यायालय में प्रस्तुत किया जाए फोरेंसिक वेन के द्वारा घटना की जाँच तत्काल घटनास्थल पहुँच कर त्वरित रूप से भौतिक साक्ष्य संकलन कर सके ताकि बिलम्ब होने पर साक्ष्य नष्ट न हो पाए । इस के लिए महत्वपूर्ण साधन होगा। सभी जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक गण और पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों की उपस्थिति में हरी झंडी दिखा कर फॉरेन्सिक टीम बिलासपुर को सौंपा गया!
इसी तरह
उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विधायक बिल्हा धरमलाल कौशिक द्वारा ऑनलाइन जुड़कर पुलिस प्रशासन को बधाई और शुभकामनाएँ दिए ।

मौके पर जाकर फॉरेन्सिक वेन करेगा जांच

छत्तीसगढ़ शासन के महत्वपूर्ण कार्ययोजना जिसमें पुलिस को प्रत्येक जिला में फॉरेन्सिक वेन प्रदाय किया गया जिसका उद्देश्य घटना स्थल पर ही प्रारम्भिक परीक्षण कर प्राप्त साक्ष्य जैसे खून के धब्बे, बाल, लार, गन पाऊडर रेसीडिव, बुलट होल, आगजनी, विस्फोटक, पदचिह्न और टायर मार्क जैसे साक्ष्य त्वरित जाँच,परीक्षण कर सुरक्षित संरक्षित संदर्भित एवं चयनित करते हुए क्षेत्रीय विज्ञानिक प्रयोगशाला में कॉन्फ़ॉर्मेटिव एग्ज़ामिनेशन के लिए भेजा जा सकेगा।

सीन ऑफ़ क्राइम बनाकर जाँच की प्रक्रिया और भौतिक साक्ष्य के माध्यम आरोपी की होगी पहचान

बिलासपुर के प्रभारी सीन ऑफ़ क्राइम यूनिट वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ समीर कुर्रे और रवि चंदेल वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी क्षेत्रीय विज्ञान प्रयोगशाला बिलासपुर द्वारा डमी के माध्यम से सीन ऑफ़ क्राइम बनाकर जाँच की प्रक्रिया और भौतिक साक्ष्य के माध्यम आरोपी पहचान के तरीके को समझाया गया ।

7 साल से ऊपर मिलने वाले सजा में होगा इसका उपयोग

पुलिस के बताया कि फॉरेंसिक वैन का प्रयोग ज्यादातर बड़े मामले में होता है।जिसमें 7 साल से ज्यादा की सजा मिलती है।ऐसे बड़े मामले के लिए क्राइम सीन क्रिएट करके पूरी तरह से बारीकी से जांच करके फोरेंसिक टीम अब मौके पर पहुंचकर अपने लैब से
रिपोर्ट तैयार करके देगी।इससे पुलिस का समय बचेगा और जांच करने के भी आसानी होगी।

रिपोर्ट के लिए करना पड़ता था इंतजार

पहले किसी बड़े मामले के लिए फॉरेंसिक एक्सपर्ट और उसके बाद रिपोर्ट का इंतजार करना पड़ता था जिसके कारण पुलिस का पूरा समय खराब होता था।इस बीच पुलिस अगर कुछ करना भी चाहे तो उनको समय लगता था लेकिन अब ऐसा नहीं होगा बल्कि घटना स्थल पर जाकर वैन अपना करेगा और जांच रिपोर्ट सौंप देगा।इससे आरोपी को पकड़ने और जांच करने का भी समय बचेगा।

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